महिलाएं अमूमन घर और प्रोफेशन की जिम्मेदारियों के बीच अपने शौक और सपनों से समझौता कर लेती हैं। लेकिन जीटीबी अस्पताल की एक चिकित्सक ने इन सीमा को पार कर लिया है। अस्पताल की रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकिता ने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समय का सही प्रबंधन से करियर और पैशन को साथ-साथ जिया जा सकता है। डॉ अंकिता पिछले 15 वर्षों से डॉक्टर की जिम्मेदारी निभा रहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अपने डांस के पेशे को जिदा रखा। अपने डांस कला के लिए उन्हें दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता द्वार अवार्ड भी मिला है। डॉ. अंकिता ने कथक में विशेष ट्रेनिंग द्वारा अपने जुनून और पेशन को नया मुकाम दिया। डॉ. अंकिता का यह सफर आसान नहीं था। मेडिकल प्रोफेशन की अनियमित ड्यूटी, पढ़ाई का दबाव और मरीजों की जिम्मेदारियों के बीच नृत्य के लिए समय निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार थकान के बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि सपने तभी पूरे होते हैं, जब कठिन परिस्थितियों में भी उनका साथ नहीं छोड़ा जाए। उनके लिए नृत्य सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन का माध्यम है। मरीजों का इलाज करना डॉ. अंकिता के लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। अस्पताल की व्यस्त दिनचर्या और जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने बचपन से जुड़े अपने नृत्य प्रेम को कभी नहीं छोड़ा। उनके लिए नृत्य सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन का माध्यम है। डॉक्टर अंकिता का कहना है कि जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है, उसी तरह मन को प्रसन्न रखना भी उतना ही आवश्यक है। मानसिक रूप से संतुलित व्यक्ति अपने पेशेवर दायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकता है। यही कारण है कि उन्होंने चिकित्सा सेवा के साथ नृत्य को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए रखा। चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं। वहीं, नृत्य के क्षेत्र में भी उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं और मंचों पर पुरस्कार एवं सराहना प्राप्त हुई है। दोनों क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि समर्पण और अनुशासन के साथ एक से अधिक क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है। महिलाओं और युवतियों को संदेश देते हुए डॉ. अंकिता कहती हैं कि जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों और रुचियों को कभी पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और समय का सही प्रबंधन किया जाए तो करियर और जुनून, दोनों को पूरी ईमानदारी के साथ जिया जा सकता है। उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने पेशे के साथ अपनी अलग पहचान भी बनाना चाहती हैं।