हरियाणा के नूंह जिले की सीआईए पुलिस ने 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जून माह में फिरोजपुर झिरका में हुई 24.29 लाख रुपये की एटीएम चोरी की वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने इस अंतरराज्यीय एटीएम कटिंग गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नूंह, आयुष यादव ने एक प्रेसवार्ता में इस खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि 13 जून, 2025 की रात को फिरोजपुर झिरका के बस स्टैंड बीवां रोड पर स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम को निशाना बनाया गया था। अज्ञात चोरों ने पहले एटीएम दुकान का शटर तोड़ा, फिर कैमरे को तोड़ दिया और गैस कटर की मदद से एटीएम मशीन को काटकर अंदर रखे 24,29,200 रुपये की नकदी चोरी कर ले गए। घटना के समय एटीएम में 11 जून को 32 लाख रुपये और 13 जून को 38 लाख रुपये डाले गए थे। इस संबंध में शिकायतकर्ता, इदू सिद्दकी, जो सेफ क्योर कंपनी के सुपरवाइजर हैं, ने 14 जून को थाना शहर फिरोजपुर झिरका में एफआईआर दर्ज कराई थी। एएसपी आयुष यादव के अनुसार, नूंह सीआईए प्रभारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर एक ठिकाने पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को पकड़ा। जिनकी पहचान अरशद उर्फ कंजा पुत्र उमर मोहम्मद निवासी शिकारपुर थाना सदर तावडू, धर्मेंद्र कुमार पुत्र शिवलाल सरोज निवासी मछेहा हरदोपट्टी थाना महेशगंज जिला प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश तथा वारदात में इस्तेमाल डिजायर कार का ड्राइवर अरशद उर्फ मुल्ला पुत्र आस मोहम्मद खान निवासी उदाका राजस्थान हाल निवासी रहाडी थाना सदर तावडू जिला नूंह के रुप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि वारदात में कुल पांच आरोपी शामिल थे। जिनमें दो का नाम अरशद था। रेकी करने वालों में अरशद मुल्ला व अरशद पुत्र हारून निवासी मुंढेता थाना पिनगवां और एक अन्य व्यक्ति शामिल था। प्रेसवार्ता में बताया गया कि इस गिरोह के अन्य सदस्य और मुखिया अभी फरार है। जिनमें शाकिर पुत्र बिरजू शिकारपुर, शाहिद पुत्र अतीत एवं अरसद पुत्र हारुन निवासीयान मुंढैता थाना पिनगवां शामिल हैं। इनमें शाहिद पुत्र अतीत निवासी मुंढैता थाना पिनगवां गिरोह का मुखिया बताया गया है, जो एटीएम कटिंग खुद करता है और वारदात के समय अवैध हथियार रखता है। जो करीब एक दर्जन वारदातों में शामिल रहा है लेकिन अभी तक गिरफ्तार नहीं हो पाया है। कई राज्यों में कर चुके हैं वारदात: पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने कई अन्य चोरी की वारदातें कबूल की हैं । इनमें अरशद उर्फ कंजा 2018 में हैदराबाद में एटीएम कटिंग के दौरान पकड़ा गया । करीब 18 महीने पहले राजस्थान के बांदीकुई में एटीएम चोरी की थी । अरशद उर्फ मुल्ला की 2021 में एटीएम चोरी में पुणे जेल में बंद धर्मेंद्र से मुलाकात हुई । फिर जुलाई 2025 में सीकर राजस्थान में 32 लाख की चोरी की वारदात को अंजाम दिया । जबकि अक्टूबर में धुले महाराष्ट्र में 15 लाख की वारदात की । धर्मेंद्र कुमार 2021 में एटीएम बदलकर ठगी के मामले में पुणे जेल में बंद रहा है । यह भी बताया गया कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है और कई राज्यों में एटीएम कटिंग की वारदातें कर चुका है । अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।