अवधि पूरी होने के बाद जिन ट्रकों को कबाड़ के लिए स्क्रैप के लिए भेजा जाता है, उन ट्रकों को ई ट्रक में बदल कर तीन टन वजन उठाने लायक बना दिया जाता है। एक घंटे में चार्ज होकर यह ट्रक 120 किलोमीटर तक की दूरी तय करता है। एक्सपो मार्ट में चल रहे ईवी इंडिया-2024 में ऐसे ही ट्रकों की प्रदर्शनी की गई है। नोएडा के सेक्टर-73 से से आए दिव्य बंसल कहते हैं कि टाटा 407 ट्रक छह टन का होता है। इसमें 3 टन का भार वहन करने की क्षमता होती है। आठ से 10 साल पुराने ट्रक, जिनको स्क्रैप के लिए भेजा जाने वाला होता है, वह उनको ले लेते हैं और पूरी तरह ई ट्रक में बदल देते हैं। ट्रक की चेसिज का 20 से 25 साल तक चल जाती है। उसका कुछ नहीं बिगड़ता है। ई ट्रक में बदलने के लिए वह ट्रक में से इंजन, डीजल टैंक आदि सभी कुछ निकाल देते हैं। नए सिस्टम लगा देते हैं। चेसिज के बीच में पूरी जगह बैटरियां रख दी जाती हैं। 53 किलोवाट क्षमता है। यह एक घंटे में पूरी तरह चार्ज हो जाता है और 120 किलोमीटर तक चलता है। 80 किलोवाट की मोटर है। दिव्य कहते हैं कि ट्रक को स्क्रैप कराने में भी उत्सर्जन होता है। वह भी बच जाता है।