ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध के असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगे हैं। इसका सीधा प्रभाव एलपीजी गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। जिससे ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में गैस सिलेंडरों की किल्लत पैदा हो गई है। व्यवसायिक सिलेंडरों की सप्लाई कम होने के कारण हॉस्टल संचालकों और यहां रहने वाले हजारों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नॉलेज पार्क इलाके में 100 से भी अधिक छोड़े बड़े कॉलेज के अलावा विश्वविद्यालय है। यहां एक लाख से अधिक संख्या में छात्र पढ़ाई करने के साथ हॉस्टल में रहते हैं। इन हॉस्टलों में खाना बनाने के लिए मुख्य रूप से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ दिनों से सिलेंडरों की आपूर्ति कम होने के कारण कई हॉस्टलों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियों से नियमित सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कई जगहों पर सिलेंडर खत्म हो जाने के बाद खाना बनवाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। कुछ संचालक लकड़ी और अन्य साधनों से खाना बनवाने को मजबूर हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गैस की किल्लत का असर आसपास के कैफे, ढाबों और छोटे होटल-रेस्तरां पर भी पड़ा है। कई कैफे संचालकों ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें अस्थायी रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़े हैं। इससे इलाके में रहने वाले छात्रों के सामने खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ छात्रों ने तो मजबूरी में अपने हॉस्टल खाली करने का फैसला भी किया है। छात्रों का कहना है कि चाय, समोसा, फास्ट फूड आदि के रेट बढ़ने से परेशानी हुई है। छात्रों और हॉस्टल संचालकों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य कराई जाए। जिससे राहत मिल सके।