दिल की बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों से जुड़ी समस्या नहीं रही। युवाओं की जिंदगी पर भी तेजी से बढ़ रहा है। 18 से 30 वर्ष के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में विश्व हृदय दिवस से पहले विशेषज्ञों ने प्रेसवार्ता में बताई। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में दिल के दौरे की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास, डायबिटीज, असंतुलित खानपान और अव्यवस्थित लाइफस्टाइल है। फोर्टिस अस्पताल के कंसल्टेंट, कार्डियोलाजी डॉ. शांतनु सिंहल ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लेकिन अब यह समस्या बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है। 18 से 30 वर्ष की उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे है। बीते एक वर्ष में अस्पताल में 18 से 40 वर्ष तक के करीब पांच मरीजों की बाईपास सर्जरी की गई है। सभी मरीज स्वास्थ्य है। उनका कहना है कि जिन मरीजों को अनियंत्रित डायबिटीज होती है, अक्सर उनकी नसों में सेंसेशन समाप्त हो जाती है। ऐसे में उनको हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण जैसे दर्द, सांस का फूलना, पसीना आना, अकड़न आदि का अक्सर पता भी नहीं चलता और अचानक मृत्यु हो सकती है। इसलिए डायबिटीज की हिस्ट्री वाले मरीजों को डॉक्टर के परामर्श से नियमित चेकअप करवाते रहना चाहिए।