राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बुधवार को जिला अस्पताल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नाटक में ओपीडी में आए मरीजों और उनके तीमारदारों को मानसिक बीमारियों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि मानसिक बीमारियों को अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह ही देखा जाना चाहिए। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि अगर किसी में मानसिक समस्या के लक्षण दिखें तो बिना झिझक के अस्पताल आएं और बाबा हकीमों के पास जाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही अस्पताल में विश्व स्ट्रोक दिवस को लेकर भी जागरूक किया गया। डॉक्टर ने बताया कि सर्दी में स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।