सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट 11 सोसाइटी में दस साल बाद भी लोगों को अपने घर का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। जबकि 2016 से लोगों ने रहना शुरू कर दिया था। सोसाइटी निवासियों का कहना है कि जीवन की जमा पूंजी घर खरीदने में लगाई। लेकिन अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई है और ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी), कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) भी नहीं मिला है। रविवार को सोसाइटी में आयोजित अमर उजाला संवाद में निवासियों ने समस्याएं बताईं। सोसाइटी निवासी विनोद गुप्ता और रीना मिश्रा ने बताया, सोसाइटी में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) चुनाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं हो रही है। पूर्व की एओए कालातीत घोषित हो चुकी है और नई एओए बनाई जानी है। इसके लिए सोसाइटी में चार बार चुनाव अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं, इसके बाद भी चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पूर्व सचिव देवचंद्र प्रसाद यादव और राजेश मोहन सक्सेना ने बताया, आईएफएमएस का करीब चार करोड़ बाकी है जो बिल्डर ने अबतक नहीं दिया है। पूर्व एओए अध्यक्ष वरुण गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी में कुल नौ टावर हैं जिसमें छह टावर का ओसी आया था और तीन टावरों का ओसी अबतक नहीं मिला था। नोएडा प्राधिकरण ने छह टावरों का ओसी 2018 में निलंबित कर दिया था। पत्राचार के बाद 2023 में ओसी बहाल कर दी गई और इन टावरों के फ्लैटों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हालांकि मार्च 2024 को इन छह टावरों का ओसी एक बार फिर निरस्त कर दिया गया। वहीं तीन अन्य टावरों की रजिस्ट्री और ओसी प्रक्रिया आजतक पूरी नहीं हुई। सोसाइटी निवासी संदीप ने बताया, बिल्डर ने सोसाइटी बनाने के लिए जो मैप अप्रूव करवाया था। इसमें 764 फ्लैट अप्रूव थे, लेकिन बिल्डर ने 802 फ्लैट बना दिए। सोसाइटी के टावर में सबसे ऊपर वाला 15वां फ्लोर अवैध है और इसकी तो ओसी, सीसी भी आ चुकी है यहां पर रजिस्ट्री भी सही नहीं हुई है।