ग्रेटर नोएडा शहर में बस व मेट्रो की सुविधा नहीं होने से रोजाना लाखों लोगों को जूझना पड़ता है। ऑटों चालक,कैब वाले मनमानी पर उतारु हैं। निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में जिम्मेदार फेल साबित हो रहे हैं। यह मुद्दें ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रींस एक सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को अमर उजाला संवाद में उठाए। उन्होंने बताया कि सालों से परिवहन की सेवा उन्हें नहीं मिल पाई है। कई बार उन्होंने सड़कों पर उतरकर विरोध भी जताया । उसके बाद भी अब तक उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। निवासियों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर वेस्ट के लोगों को कुछ नहीं मिल रहा है। पांच लाख की आबादी को निजी अस्पतालों के भरोसे पर रहना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों की लूट किसी से छुपी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल गली गली में खुल गए हैं। सरकारी स्कूल नहीं होने के कारण गरीबों के बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। केंद्रीय विद्यालय से लेकर अन्य स्कूलों लोगों की राहत के लिए खोले जाने चाहिए। देश में खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है,लेकिन यहां खेल के मैदान भी नहीं हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को खेलों के मैदान बनाने चाहिए। ग्रीन बेल्ट की सफाई नहीं होने से वह खराब होती जा रही है। उसको कोेई देखने वाला नहीं है। चौराहे पर हर रोज हादसे हो रहे हैं। यहां जल्द से जल्द बेक्रर बनाएं जाने चाहिए।