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VIDEO : पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, जानिए डिजिटल अरेस्ट पर क्या बोले एडिशनल डीसीपी

वर्तमान समय में सभी छात्र मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से उनके साथ प्रतिदिन किसी न किसी प्रकार का फ्रॉड हो रहा है। इस दौरान बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से नॉलेज पार्क स्थित आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन पर इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान अनजाने में किए गए कई काम भी आप को परेशानियों में डाल सकते हैं। इसलिए सावधानी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें। अगर आपके साथ अगर कोई भी फ्रॉड होता है तो तुरंत उसकी जानकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देकर शिकायत दर्ज करें। उन्होंने छात्रों को समझाया कि पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती हैं। साइबर फ्रॉड अब डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से धोखाधड़ी कर रहे हैं। उनसे सावधान रहने की जरुरत है। पुलिस हमेशा फिजिक्स अरेस्ट ही करती है। साथ ही साइबर ठगी और नशे से बचने के लिए सावधानी व सतर्कता बरतने के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में हार नहीं मानने की बात कही। उन्होंने छात्रों से कहा कि पुलिस उनके साथ 24 घंटे खड़ी है। कभी भी कोई परेशानी हो तो पुलिस की हेल्पलाइन 112,महिला अपराध के लिए 1090 पर फोन किया जा सकता है। कभी भी आप कहीं फंस गए हैं और आसपास कोई साधन नहीं है,जिससे घर पहुंचा जा सके तो आप लोग 112 पर फोन कर सकते है। सबसे नजदीक 112 की गाड़ी आपको घर पर छोड़ कर आएगी। उन्होंने छात्रों से कहा कि कभी सड़क हादसे में कोई घायल मिल जाता है तो उसे नजदीक के अस्पताल में इलाज के लिए जरूर छोड़ दे,जिससे उनकी जान को बचाया जा सके। मरीज को अस्पताल तक छोड़ने पर पुलिस की ओर से कोई पूछताछ नहीं की जाती है। इस दौरान कई छात्रों ने सवाल जवाब भी किए। उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर डायरेक्टर डॉ मयंक गर्ग, डॉक्टर संजय यादव, डॉक्टर विष्णु शर्मा, डॉक्टर जया मिश्रा, रजिस्ट्रार नितिन गुप्ता और मीडिया प्रभारी मनीष कुशवाह मौजूद रहे।

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