अच्छे नागरिकों को पुलिस से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुलिस केवल अपराधियों के लिए सख्त है न कि आम नागरिकों के लिए। जो भी अपराध करेगा पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। जिससे समाज को अपराध मुक्त बनाया जा सके। यह बातें डीसीपी सेंटल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को ग्रेनो वेस्ट के खैरपुर गुर्जर स्थित जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल में 'पुलिस की पाठशाला' में कही। उन्होंने छात्रों को पुलिस के आपातकालीन नंबर डायल-112 के बारे में जानकारी दी। बताया कि किसी भी आपात स्थिति में कैसे पुलिस की मदद ली जा सकती है। डीसीपी ने विशेष रूप से डायल-112 (आपातकालीन हेल्पलाइन), 1090 (महिला सुरक्षा हेल्पलाइन) और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 (साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर) जैसे नंबरों के बारे में विस्तार से बताया और इनकी उपयोगिता को समझाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर बिना संकोच मदद लें, तो समाज में अपराध को काफी हद तक रोका जा सकता है। महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 का उपयोग करें और अपने आस-पास की घटनाओं को नजरअंदाज न करें। उन्होंने छात्रों को उनके जीवन में लक्ष्य निर्धारण और आत्मविश्वास की महत्ता के बारे में भी प्रेरित किया। कहा, हर छात्र को अपने जीवन में कोई न कोई लक्ष्य तय करना चाहिए। यदि आप पूरे आत्मविश्वास के साथ उस लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, तो उसे पाने से कोई नहीं रोक सकता। सभी छात्र युवा भारत का भविष्य हैं। अपने लक्ष्य निर्धारित करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उनकी ओर बढ़ें। आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ेंगे तो सफलता निश्चित है। आप अपने आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहें। अगर आपको कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या कोई अपराध होता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सतर्कता बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।