सुप्रीम कोर्ट ने डीएनडी फ्लाईओवर पर टोल लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है।दिल्ली-नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए डीएनडी टोल कि बड़ी खबर । सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को राहत देते हुए डीएनडी फ्लाईवे पर टोल की वसूली को बंद रखने के हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए बरकरार रखा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 में डीएनडी को टोल फ्री करने का आदेश दिया था। अब लोगों को डीएनडी पर टोल नहीं देना पड़ेगा। यह फैसला फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है। शुक्रवार को इस फैसले के बाद फोनरवा पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर की है। और सेक्टर 52 फोनरवा कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लड़ने वाली वकील दीक्षा राय गोस्वामी और एटिका सिंह का स्वागत किया और सभी ने आपस में मिठाई बाटकर खुशी जाहिर की।इस अवसरअध्यक्ष योगेंद्र शर्मा , महासचिव के के जैन , कोषाध्यक्ष पवन यादव , अशोक कुमार मिश्रा , देवेंद्र सिंह, प्रदीप वोहरा ,उमाशंकर शर्मा , संजय चौहान , लाटसाहब लोहिया , सोमपाल सिंह आदि उपस्थित थे। फोनरवा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि आज नोएङा शहर की जनता केलिए बड़ा दिन है। 12 साल से लड़ी जा रही कानूनी लड़ाई को हम जीत गए हैं। आम आदमी के हित को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया गया है। ये जीत फोनरवा की जीत है।फैसले का फोनरवा स्वागत करता है। वर्ष 2012 से 2024 तक फोनरवा टीम द्वारा उपरोक्त लडाई को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपने पक्ष को मजबूती के साथ रखा तभी जीत सम्भव हो पाई। फोनरवा के उपाध्यक्ष विजय भाटी ने बताया कि डीएनडी पर वर्ष 2001 में वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी। डीएनडी को टोल फ्री करने के लिए सबसे पहले 16 नवंबर 2012 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, बाद में 26 अप्रैल 2016 को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें नोएडा कई की संस्थाओं ने मिलकर विरोध भी जताया था।