शहर के डूब क्षेत्र में सेक्टर-63 स्थित बहलोलपुर गांव का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। बोरिंग करने पर बहुत गहराई तक खोदाई करनी होती है। यहां से निकल रही हिंडन नदी इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि पास रहने वाले को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वहां के लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। यहां पर गंगाजल की सप्लाई में शुरुआती 15 मिनट तक गंदा पानी आता है। इसके बाद साफ पानी मिल पाता है। मुख्य सड़क में अतिक्रमण की वजह से आपातकालीन सेवाएं आधित रहती हैं। यह समस्याएं बहलोलपुर गांव निवासियों ने अमर उजाला संवाद में बताई। मंगलवार को बहलोलपुर गांव में आयोजित अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने बताया कि यहां कि मुख्य सड़क में टी पॉइंट से लेकर हनुमान मंदिर तक अतिक्रमण होने के कारण चौड़ी सड़क अब संकरी हो गई है। शाम को यहां भीषण जाम लगता है। यहां मुख्य रोड पर देशी शराब का ठेका खुला होने से महिलाओं का निकलना दूभर हो गया है। गांव में बने दो बारात घर गांव के बीच हैं, जहां तक वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांग है कि बरात घर अन्य स्थान पर बनाए जाएं। 24 साल पहले पड़ी सीवर लाइन आज की जनसंख्या के मुताविक नाकाफी है। हर एक चेंबर ओवरफ्लो हो रहा है। गांव का भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। अब करीब 300 फुट नीचे तक चला गया है। हमारी मांग है कि हिंडन नदी की गहराई से सफाई हो जाए तो यह रिकवर होने की संभावना है। इसके साथ ही सेक्टर की सोसाइटियों और गांव के बीच प्राधिकरण ने करीब 10 फुट ऊंची और कई फुट लंबी दीवार खड़ी कर दी है। इससे गांव के क्षेत्र में आने वाले भारत घर और कन्या विद्यालय को जगह भी सोसाइटी की ओर चली गई। कम से कम एक रास्ता बनाया जाए।