जिले में किराये के घरों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब रेंट एग्रीमेंट बनवाने के दौरान उनको 90 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह राहत यूपी कैबिनेट दे रही और इसका प्रस्ताव भी पास हो चुका है। सरकार के इस फैसले के बाद किरायेदार और मकान मालिक दोनों को राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार शहर में करीब 10 लाख लोग किराये पर रहते हैं। अधिकारियों और प्रमुख फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत आबादी रेंट पर रहती है। सेक्टर 33ए स्थित रजिस्ट्री कार्यालय से जानकारी के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में अन्य शहरों से आकर यहां रहते हैं। जिले की वर्तमान आबादी लगभग 25 लाख के आस पास है। इसमे से 40 प्रतिशत लोग रेंट पर रहते हैं। साथ ही जिले के मूल निवासियों को भी विवाद की स्थिति में राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार किरायेदारी में होने वाले विवाद में अधिकतर भवनस्वामी और किरायेदार 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट करते हैं। 100 रुपये पर एग्रीमेंट कहीं मान्य नहीं होता। मामला पुलिस के पास जाता है तो भवनस्वामी या किरायेदार प्रताड़ित होता है। लेकिन किरायेदारी के पंजीकरण से भवनस्वामी और किराएदार एक-दूसरे को परेशान नहीं कर पाएंगे। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।