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गैस की किल्लत का असर: इंडक्शन की मांग में उछाल, रेहड़ी-पटरी और छोटे ढाबों पर संकट

घरेलू और व्यावसायिक गैस की किल्लत बढ़ने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगत फार्म क्षेत्र में इन दिनों गैस की किल्लत का असर बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जगत फार्म के इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में अचानक बढ़ोतरी हुई है। लोग गैस की अनिश्चितता से बचने के लिए इंडक्शन को वैकल्पिक साधन के रूप में खरीद रहे हैं। गैस सिलेंडर की आपूर्ति में अनियमितता और देर से डिलीवरी के कारण आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदार भी प्रभावित हो रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई छोटे खाने-पीने के स्टॉल, ढाबे और चाय की दुकानों पर कामकाज बाधित हो रहा है। उनके लिए इंडक्शन चूल्हा भी सुविधाजनक नहीं है। कई रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों का कहना है कि बिजली कटौती और अधिक बिजली खर्च के कारण वे पूरी तरह इंडक्शन पर निर्भर नहीं हो सकते। ऐसे में गैस की कमी उनके कारोबार को सीधे प्रभावित कर रही है। पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। कई बार बुकिंग के बाद भी दो-तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके कारण उन्हें खाना बनाने और ग्राहकों को सेवा देने में दिक्कत हो रही है। खासकर चाय, पराठा, नाश्ता और स्ट्रीट फूड बेचने वाले दुकानदारों की परेशानी अधिक बढ़ गई है, क्योंकि उनका पूरा कारोबार गैस पर ही निर्भर करता है।

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