जेवर में खेल का कोई स्टेडियम नहीं होने के कारण वीरमपुर गांव में रहने वाले विवेक कुमार सूरजपुर स्थित मलकपुर स्टेडियम में रोजाना जूडो का अभ्यास करने के लिए जाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण वह लिफ्ट मांगकर स्टेडियम का रास्ता तय करते थे। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें साईं हॉस्टल तक का सफर तय करा दिया है।