नोएडा सेक्टर-24 स्थित फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के छात्र बंजारों के पहनावे को नई पहचान देने में जुटे हैं। विभिन्न वस्त्र, झोले और जूते आदि में बंजारों के पहनावे की छाप दिखाई दे रही है। छात्रों के समूह की महक मल्होत्रा, देविका कुमारी, रोडली फुकॉन, रिद्धिमा ने बताया कि इंटरनेट के दौर में विदेशी पहनावों का बोलबाला है, कई बड़े डिजाइनर अमेरिका, इंग्लैंड के पहनावे को लोकप्रिय बनाने में जुटे हैं, जबकि हमें देश की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। इसी विचार के साथ हमने बंजारों के पहनावे को नए अंदाज में पेश किया है। फिलहाल शर्ट, पैंट, सलवार सूट और मॉडलिंग के लिए विशेष परिधान तैयार किए हैं। वहीं, फैशन डिजाइनिंग विभाग के विभागाध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि बंजारा कढ़ाई मुख्यतः गुजरात और बंजारा समुदाय की कला और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए छात्रों को यह प्रोजेक्ट दिया गया था। यह पहल बंजारा समुदाय के लिए फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगी।