ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट पर पांच माह से धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जमीन भी गई और उनकी मांगें भी नहीं मानी जा रही हैं। किसानों के साथ छल हो रहा है। हम किसी भी हालत में किसानों के साथ धोखा नहीं होने देंगे। जब तक मांगें पूरी नहीं की जाएगी धरना से उठने वाले नहीं है। 27 नवंबर को महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) संगठन के जिला महासचिव चौधरी धनेश प्रधान ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के 39 गांवों के किसानों को अभी तक 10 फीसदी भूखंड, 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा व ऐच्छर, हल्द्वानी, कासना, गुज्जरपुर का मूल मुआवजा 26 वर्ग गज रुपए का 1989 से आज तक नहीं दिया है। जमीनें छीन ली है। किसान समान मुआवजा देने को लेकर आंदोलन करते है उनकी सुनवाई नहीं होती है। कुछ लोग किसान आंदोलन के नाम पर छल कर रहे है। अधिकारियों से गुपचुप तरीके से अपने स्वार्थ पूरे करने में लगे रहते है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। किसानों की मांगों को मनवाकर ही रहेंगे। आंदोलन की आगे की रणनीति बनाने के लिए 27 नवंबर को धरने स्थल पर महापंचायत बुलाई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। किसान अपने हक और अधिकारों को लेकर ही रहेंगे।