दिल्ली के नजदीक बसाया गया नोएडा की परिकल्पना औद्योगिक शहर के रूप में की गई थी। हालात इस कदर बदल गए कि औद्योगिक शहर की पहचान अब रिहायशी में बदल गया है। यहां औद्योगिक विकास के साथ तेजी से रिहायशी क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। उद्योग लगाने वाले एमएसएमई को भूखंड के लिए नीलामी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है और बड़े घरानों को बुलाकर साक्षात्कार के तहत भूखंड दिए जा रहे हैं। ये छोटे-छोटे उद्यमियों के साथ गलत हो रहा है। कुछ इसी तरह का दर्द जिले के उद्यमियों ने सेक्टर-57 स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के कार्यालय में आयोजित अमर उजाला इंडस्ट्री संवाद के कार्यक्रम में साझा किया। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में पहुंचे विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों के उद्यमियों ने अपने कारोबार की स्थानीय समस्याओं समेत सरकारी स्तर पर दी जाने वाली सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं पर भी तंज कसते हुए विरोध दर्ज कराया। जिसमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल, नोएडा चैप्टर चेयरमैन नवीन गुप्ता उनकी टीम के गुरूमीत सिंह, आशीष मलहोत्रा, अंकुर संगल, मुनीष अग्रवाल, वीके गोयल, डॉक्टर मनीष पांडेय, सुनीता प्रधान, निर्मल गोयल आदि ने अपनी समस्याएं साझा की।