कृषि क्षेत्र में गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों की पहचान को दुनिया में मजबूत करने के लिए नोएडा एयरपोर्ट के पास विकसित हो रहे हर्बल एंड फूड पार्क को आकार देने का काम शुरू कर दिया गया है। पतंजलि अपने मेगा प्लान के साथ डेयरी, एग्रो पार्क और देश के सबसे बड़े बिस्किट प्लांट की शुरूआत करेगी। सरकार की बैकवर्ड एंड फारवर्ड लिंकेज योजना के तहत स्थानीय पशुपालकों और किसानों के कृषि उत्पादों को उच्च गुणवत्ता के साथ इसे देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही यहां औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए पतंजलि अपने हिस्से की जमीन में छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों को सब-लीज के जरिये जगह मुहैया कराएगी। यमुना सिटी के सेक्टर 24 व 24 ए में पतंजलि आयुर्वेद को 300 व 130 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां पतंजलि ने मेगा फूड पार्क के साथ फूड प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण प्रारंभ कर दिया है। यहां 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता की डेयरी स्थापित की जाएगी और स्थानीय पशुपालकों को इससे जोड़ने के लिए गांवों का कलस्टर बनाकर 100 से ज्यादा कलेक्शन सेंटर और चिलर प्लांट भी बनेगा। यहां चीज, पनीर सहित बड़ी मात्रा में दुग्ध उत्पाद बनाया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय अमरूद, बेल, आम, आंवला सहित अन्य कृषि उत्पादों को निर्यात किया जाएगा। एक साल के अंदर फूड पार्क और प्रोसेसिंग यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी। पतंजलि आयुर्वेद का यूपी में यह पहला मेगा प्रॉजेक्ट है। पतंजलि आयुर्वेद की तरफ से मेगा फूड पार्क में 937 करोड़ का निवेश होगा। पतंजलि फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 498 करोड़ का निवेश होगा। पतंजलि आयुर्वेद की तरफ से दिए गए डीपीआर में 20000 लोगों को सीधे रोजगार के साथ यूपी, हरियाणा व उत्तराखंड के तीन लाख किसानों को इसका अपरोक्ष रूप से लाभ होगा।