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Cough Syrup Case में 10 हजार का इनामी सत्यम अरेस्ट, Shubham Jaiswal के करीबी का बताया नाम

कफ सिरप तस्करी मामले की जांच में जुटी एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार को 10 हजार रुपये के इनामी फर्म संचालक सत्यम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सोनभद्र में खोली गई दो फर्जी फर्मों के जरिए सिरप खरीद के नाम पर शैली ट्रेडर्स के खाते में करीब 12 करोड़ रुपये भेजे गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि सोनभद्र और भदोही में फर्जी फर्में खोलकर कागजी आपूर्ति दिखाने का मास्टरमाइंड सत्यम का फुफेरा भाई और सरगना शुभम का करीबी भदोही निवासी रवि गुप्ता है। उसी ने अपने ममेरे भाइयों और भाभी के नाम पर फर्में खुलवाकर महज एक से डेढ़ साल में करोड़ों का अवैध कारोबार खड़ा कर दिया।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि कफ सिरप तस्करी की पूरी चेन का खुलासा करने के लिए गठित विशेष टीम ने हाल ही में गिरोह के सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से गिरफ्तार किया था। कस्टडी रिमांड पर लेकर चार दिन तक उससे गहन पूछताछ की गई। इसके बाद टीम रांची गई, जहां गोदाम का निरीक्षण किया गया और अवैध कफ सिरप की आपूर्ति से जुड़े ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर बुधवार को एसआईटी प्रभारी सदानंद राय, रॉबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी माधव सिंह और एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे के नेतृत्व में सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी सत्यम कुमार वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित गोला दीनानाथ कबीरचौरा का निवासी है। उसने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बरकरा में किराए का मकान लेकर ‘मां कृपा मेडिकल’ के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के आधार पर ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। जांच में सामने आया कि फर्म का वास्तविक संचालन किए बिना ही करोड़ों रुपये के कफ सिरप की आपूर्ति कागजों पर दिखाई गई।

एसपी ने बताया कि पूछताछ में सत्यम ने स्वीकार किया कि उसे और उसके भाई विजय गुप्ता को उनके बुआ के बेटे रवि गुप्ता (निवासी नई बाजार, भदोही) ने फर्म पंजीकरण की सलाह दी थी। रवि की मदद से ‘मां कृपा मेडिकल’ और ‘शिविक्षा फार्मा’ की स्थापना की गई। दोनों फर्मों के लिए बरकरा तालाब के पास स्थित कटरे में दो दुकानें ली गईं और औषधि निरीक्षक कार्यालय से जनवरी 2024 में ड्रग लाइसेंस बनवाया गया। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

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