स्वतंत्रता सेनानी हॉल परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गीता महोत्सव में एक स्टॉल महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसमें रागी, बाजरा, ज्वार जैसे मोटे अनाज के कुकीज, कई तरह स्वास्थ्य वर्धक लड्डू आदि मिल रहे हैं। यह चंदू गांव के क्षितिज स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किया है। इस समूह समेत ऐसे तीन समूह बनाने वाली पूजा शर्मा से महोत्सव में आने वाली हर महिला प्रेरणा ले रही है। पूजा करीब 70 तरह के ग्रामीण उत्पादों को तैयार करवा रही है। उनके उत्पाद देश भर की प्रदर्शनियों और पंचतारा होटलों में जाती है। वर्ष 2022 में पूजा शर्मा को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उद्यमिता के लिए नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे मिले और केटरिंग के क्षेत्र में भी उनके समूह की महिलाओं को लेकर आने की सलाह दी। इसके अलावा पूजा को कई राज्यस्तरीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। विश्वविद्यालयों ने इन्हें लेक्चर के लिए बुलाया जाता है। इसके लिए पूजा शर्मा ने बड़ा संघर्ष किया है। वर्ष 1999 में पूजा का विवाह चंदू गांव में हुआ। उनके पति की अस्थायी नौकरी थी। वे दसवीं कक्षा पास थी और बाद में उनके तीन बच्चे भी हो गए। उन्होंने गांव इकबालपुर में 2500 रुपये से काम शुरू किया। इसके बादगांव के एक 400 पुराने खंडहर नुमा घर गो पालन शुरू किया। जिस पुराने खंडहर नुमा घर में उन्होंने पांच-छह गायों के साथ डेयरी का काम शुरू किया, उसे लोग भूतिया बताते थे। कुछ लावारिस गायों को भी उन्होंने एकत्र किया था। डेयरी उत्पाद बनाने लगी। फिर वर्ष 2013 में कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर में गांव की दस महिलाओं के साथ अनाज से विभिन्न तरह के स्नेक्स बनााने संबंधित प्रशिक्षण लिया। यह भी चुनौती क्योंकि यह आवासीय ट्रेनिंग थी और गांव की महिलाओं को कहीं और ठहरने की इजाजत नहीं थी। यहां इन्होंने रोस्टेडे सोया नटस की ट्रेनिंग ली। इस तरह इन्होंने कई अनाजों के स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बनाने के प्रयोग किए। मट्ठी, लड्डू, दलिया आदि में भी प्रयोग किए। फिर हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी। ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनियों में पूजा और उनकी टीम के उत्पाद सराहे जाने लगे। इसके साथ वे रूडसेट से जुड़ी। एक एनजीओ की मदद से बेकरी का काम सीखा। पूजा शर्मा के मिलेट्स से बनाई गई पांच तरह की कुकीज बनानी शुरू की, जो प्रदर्शनियों के अलावा होटलों में भी जाती है। इसके पहले 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर पास की। पूजा शर्मा लखपति दीदियों में शामिल है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रोजेक्ट अधिकारी दिप्ती ढ्ढिसा कहती हैं कि पूजा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। उसने एक माइल स्टोन बनाया है।