ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में न्यायविद सम्मेलन के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उड़ीसा, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शशिकांत मिश्रा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ तनावमुक्त नेतृत्व से है। असली लीडर वो है, जिसका लोग अनुसरण करें। गीता में भी कहा गया है कि महाजन जो करते हैं, सामान्य मनुष्य उसे फोलो करते हैं। चेतना की जागृति ही नेतृत्व क्षमता को जन्म देती है। बिना भय और पक्षपात का निर्णय तभी होता है, जब हम अंतर आत्मा की आवाज सुनते हैं।