गुरुग्राम जिले के मुख्य मार्गों पर दौड़ने वाली निजी बसों की मनमानी और लापरवाही आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। यातायात नियमों को ताक पर रखकर ये निजी बस चालक बीच रास्ते में ही अचानक ब्रेक मारकर सवारियां उतारने और चढ़ाने लगते हैं। इस वजह से पीछे चल रहे वाहन चालकों को अचानक अपने वाहन रोकने पड़ते हैं, जिससे न सिर्फ हादसों का खतरा बना रहता है, बल्कि हर दिन सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई के कारण इन बस चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि इन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब लोग अपने दफ्तरों और घरों के लिए निकलते हैं।