गुरुग्राम में अगर कोई कहे कि आपकी नसों के रंग को देखकर यह निर्णय लिया जा सकता है कि आप पर कौन सा रंग खिलेगा। तो आश्चर्य होगा मगर ऐसा हो रहा है। अगर नसें हरी है तो आप वॉर्म या वासंती कलर के शेड में बेहतर लगेंगे। अगर हरी और बैंगनी है तो वार्म के साथ कूल रंग भी खिलेंगे। अंडरटोन त्वचा यानी त्वचा के भीतरी स्थाई रंग से कलर एनालिसिस कर कपड़े, मेकअप तय किया जा रहा है। सेक्टर 28 स्थित कैमरा म्यूजियो आयोजित प्रदर्शनी में अंडरटोन त्वचा की दिलचस्प व्याख्या और उसके अनुसार रंगों के चयन को लोगों ने जाना। इसकी विशेषज्ञ अवनीत आनंद बताती हैं कि यह विधा मूलत: कोरिया की है मगर अब इसे एशिया, यूरोप और अमेरिका में भी प्रयोग में लाया जा रहा है। फैशन इंडस्ट्री, मेकअप में इसका प्रयोग हो रहा है। लोग खरीदारी में इसकी सहायता ले रहे हैं। अंडरटोन स्किन की जांच कराकर इसका ड्रेस के लिए उपयोग कर रहे है। गुरुग्राम में लोग अपने त्वचा की जांच कर उसके अनुकूल परिधान प्रयोग में ला रहे हैं। त्वचा का बाहरी रंग बदलता है मगर अंडरटोन यानी त्वचा का भीतरी रंग स्थाई होता है। नसों के रंग से अंडरटोन त्वचा का अंदाजा हो जाता है।