पंजाब एंड हरियााणा हाईकोर्ट के अवमानना मामले में जिला प्रशासन ने एचएसवीपी के संपदा अधिकारी और जमीन अधिग्रहण अधिकारी के कार्यालय को शनिवार को सील करा दिया। इसकी चाबी जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपी दी गई है। याचिकाकर्ताओं की जमीन का एचएसवीपी 13 साल से इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। याचिकाकर्ता मनोज कुमार व अन्य के वकील ने हाईकोर्ट में केस दायर किया था। पीड़ितों के वकील गौरव अग्रवाल ने बताया कि एचएसवीपी ने नाहरपुर रुपा गांव में कई किसानों की 16 कनाल व 6 मरला जमीन का अधिग्रहण किया था। कब्जा लेते समय इस भूमि के साथ 4 कनाल 15 मरला भूमि का और कब्जा ले लिया गया। इसके लिए किसानों को कोई भुगतान नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने अप्रैल में याचिका का निपटारा करते हुए चार माह के भीतर मुआवजा जारी करने का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई। अवमानना याचिका में भी दो बार मौका देने के बावजूद मुआवजा जारी नहीं किया गया और शुक्रवार को फिर से मोहलत मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सीधे तौर पर न्यायालय के आदेश की अवमानना का मामला बनता है। याचिकाकर्ताओं की जमीन का एचएसवीपी 13 साल से इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वकील ने बताया कि हाई कोर्ट गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व डीसी को आदेश दिया था कि वे लैंड एक्विजिशन कलेक्टर व एस्टेट आफिसर का कार्यालय सील कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को चाबी सौंप दें। इस पर शनिवार को कार्रवाई की गई।