परिषद के हेलीमंडी स्थित श्री बाबा हरदेवा रामलीला में बीती रात रामलीला के मंचन पर जब श्रीराम से हनुमान कहते हैं कि मैं जानकी सीता माता का पता लगाकर वापस लौटूंगा। बाद में हनुमान जानकी सीता माता को ढूंढते हुए रावण की लंका में पहुंचते हैं और लंका में पहुंचकर हनुमान जय श्रीराम जय श्रीराम के जयघोष लगाते हैं। जिसे सुनकर जानकी सीता माता सोचने पर मजबूर हो जाती हैं कि रावण की लंका में मेरे प्रभु के नाम की जयकारे कौन लग रहा है। उसके बाद जानकी सीता माता व हनुमान संवाद होता है। जिसमें सीता करती हैं, हे मायावी फिर मेरे को छलने आ गया। उसके बाद उन्होंने जानकी सीता माता को कहा कि हे माता मैं श्रीराम का भगत हूं और उन्होंने ही मेरे को भेजा है बाद में जानकी सीता माता हनुमान से कहती है हे हनुमान अगर मेरे प्रभु श्री राम ने आपको भेजा है तो कोई निशानी दिखाएं, उसके बाद हनुमान जानकी सीता माता को श्रीराम द्वारा दी गई निशानी उन्हें दिखाते हैं और उसके बाद जानकी सीता माता को विश्वास हो जाता है।