बादशा वार्ड-18 के बादशाहपुर एसपीआर रोड पर स्थित करीब 12 कनाल सरकारी भूमि को लेकर निगम सदन में भारी हंगामा हुआ। लगभग 300 करोड़ रुपये की इस बहुमूल्य जमीन को एक निजी बिल्डर को सौंपने का प्रस्ताव सदन में लाया गया जिसे वार्ड-18 की पार्षद ज्योति सुमित जेलदार के कड़े विरोध के बाद खारिज कर दिया गया। ज्योति के इस फैसले को लेकर अन्य पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया जिससे निगम प्रशासन को इस बात को मानना पड़ा। पार्षद ने निगम सदन में कहा कि बादशाहपुर क्षेत्र के लोगों के वर्षों के संघर्ष और उनके अधिकारों का प्रतीक है ये जमीन। किसान मोर्चा अध्यक्ष मुकेश जैलदार, धर्मवीर डागर और धर्म सिंह नंबरदार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने इस भूमि को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया है। ऐसे में इस सार्वजनिक संपत्ति को किसी निजी बिल्डर के हवाले करना क्षेत्र के हितों के साथ बड़ा विश्वासघात होगा। निजी हाथों में जमीन सौंपने के प्रस्ताव को खारिज कराते हुए पार्षद ज्योति ने सदन के सामने एक योजना रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस जमीन पर कमर्शियल लाइसेंस लेकर व्यवस्थित तरीके से मार्केट और दुकानों का निर्माण किया जाए। इस कदम से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल पाएंगें। वहीं वार्ड के लोगों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा और निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। इन दुकानों को स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से दिया जाए।