गुरुग्राम साइबर सिटी के रूप में पहचान बना चुके गुरुग्राम में खेल सुविधाओं की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, साई सेंटर का अभाव, निजी अकादमियों की ऊंची फीस और खेल नर्सरी के खिलाड़ियों को समय पर डाइट राशि न मिलने के कारण खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रशिक्षकों का कहना है कि प्रशासन खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। खेल विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में जिले के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने में पिछड़ जाते हैं। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं।