गाजियाबाद के डासना में यौम-ए-अशूरा मुहर्रम के दिन रोजा रखकर इबादत करना व गरीबों की मदद करने का बहुत ज्यादा सवाब होता है। इस्लामी वर्ष के पहले माह मुहर्रम की 10 तारीख को यौम-ए-अशूरा मुहर्रम पर शिया मसलख के लोग हजरत इमाम हुसैन की कर्बला के मैदान में यजीद द्वारा धोखे से की गई शहादत पर शोक मनाते हैं। जिसके गम में ताजिये निकालकर मातम पुरसी करते हुए कर्बला में ताजिये दफन कर दिये जाते हैं।