फर्जी पासपोर्ट मामले में कमिश्नरेट पुलिस की गर्दन फंसती नजर आ रही है। जांच में सामने आया है कि 22 फर्जी पासपोर्ट का सत्यापन चार अलग-अलग टेबलेट से हुआ है। सत्यापन अंतराष्ट्रीय गिरोह के इशारे पर किए गए हैं। घर-घर जाकर सत्यापन करने का दंभ भरने वाली कमिश्नरेट पुलिस ने थाने में बैठकर ही पासपोर्ट का सत्यापन कर डाला। सितंबर से 12 नवंबर तक हुए इस सत्यापन में कुछ उपनिरीक्षकों और बीट पुलिस ऑफीसर की संलिप्ता उजागर हो रही है। भोजपुर थाने में तैनात पुलिसकर्मी दीपक कुमार को डीसीपी ने निलंबित कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आलोक प्रियदर्शी के मुताबिक फर्जी पासपोर्स्ट एक नहीं बल्कि तीन अलग-अलग मोबाईल नंबर से बने हैं। तीनों नकली आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि कूटरचित दस्तावेजों से बनाए गए हैं। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि दिल्ली के तीन परिवार इन्हीं फर्जी पासपोर्ट के जरिए दार्जलिंग में शिफ्ट हो गए हैं। इसके साथ ही इन्हीं पासपोर्ट के बलबूते अफगानिस्तान में भी दिल्ली के कुछ लोगों का आना-जाना उजागर हुआ है। आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि एलआईयू फिर से जांच के घेरे में आ गई है। क्षेत्रीय एलआईयू से भी इस बाबत पूछताछ की जाएगी और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।