गाजियाबाद के वसुंधरा में सेक्टर-एक स्थित चंद्रशेखर पार्क में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के पांचवें दिन राम और सीता के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा में राम सीता का एक दूसरे को देखना सीताजी द्वारा गौरी पूजन करते हुए राम को वर रूप में मांगने का आशीर्वाद मांगना, राम द्वारा धनुष भजन, राम सीता विवाह आदि प्रसंगों का विवरण सुनाया। कथा व्यास गोविंद शास्त्री ने कहा कि प्रभु भावना प्रधान जिसकी जैसी भावना होती है प्रभु उसी रूप में दिखते हैं। इसलिए प्राणी मात्र में प्रभु का भाव देखने से व्यक्ति हृदय निर्मल होता है। संरक्षक कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया पांचवें दिन की कथा में रामकिशन गोस्वामी, जगवती, गौरव ने यजमान की भूमिका निभाई। सचिव ऋचा त्यागी ने बताया कॉलोनी के बच्चों को राम सीता बनाकर मनोरम झांकी निकाली गई।