फरीदाबाद शहर की ऐतिहासिक विजय रामलीला में बृहस्पतिवार का दिन भावुक कर देने वाला रहा। राम के वनवास की खबर सुनकर भरत अपने ननिहाल से लौट आते हैं। अयोध्या को सूनी पाकर वे अपनी माता केकई से इस बारे में सवाल करते हैं और क्रोधित होते हैं। वे माता कौशल्या को विश्वास दिलाते हैं कि राजगद्दी सिर्फ राम की है। आखिर में वे श्रीराम की खड़ाऊ लेकर अयोध्या वापस लौट आते हैं।