प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग जहां एक ओर सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को सुधारने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों की लापरवाही विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। ताजा मामला बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल से सामने आया है, जहां एक फार्मासिस्ट पर अपनी जगह एक निजी व्यक्ति से ड्यूटी करवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पताल बल्लभगढ़ में तैनात फार्मासिस्ट ब्रजेश यादव पर आरोप है कि वह स्वयं नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहता और उसकी जगह देवेश नामक एक निजी युवक मरीजों को दवाइयां वितरित कर रहा था। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में बिना किसी अधिकृत नियुक्ति वाले व्यक्ति द्वारा दवाई वितरण किए जाने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।