दूध-दही का खाणा, यो सै म्हारा हरियाणा कहावत के बावजूद जिले में बच्चों की पोषण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गंभीर कुपोषण के कारण औसतन हर दिन एक बच्चे को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराना पड़ रहा है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 368 बच्चे भर्ती हुए। इनमें एनीमिया, डिहाइड्रेशन, विटामिन-डी की कमी और मरास्मस जैसी समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ पेयजल और पौष्टिक भोजन की कमी के कारण कुपोषण अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।