जौलीग्रांट और आसपास के शादी समारोह में एक खास पेय परोसा जाता है। जिसे पल्लर के नाम से जाना जाता है। यह पल्लर मठ्ठा द्वारा अनुभवी लोगों की टीम द्वारा तैयार किया जाता है। और इसके लिए पूरे गांव में निमंत्रण भी दिया जाता है। मठ्ठा से भरे मटकों में खास मसालों का छोंक लगाने के बाद इनको आटे से सील कर रासायनिक प्रक्रिया के लिए कुछ दिन के लिए रख दिया जाता है। शादी में प्रतिभोज वाले दिन इन मटकों को खोला जाता है। शादी में आने वाले मेहमान पीने के अलावा पल्लर अपने साथ भी ले जाते हैं। गांवो के शहरीकरण होने के कारण पशुपालन कम होने से दूध उत्पादन काफी कम हो गया है। जिस कारण अब कुछ शादी समारोह में ही यह पेय दिखाई देता है।