कोंडागांव। जिले के फरसगांव स्थित जिला सहकारी बैंक में इन दिनों व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि किसान अपनी ही जमा राशि निकालने के लिए कई-कई दिनों तक बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के मुताबिक पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।
बैंक के बाहर रोजाना किसानों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। कोई तीन दिन से तो कोई चार दिन से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। किसानों का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद जब उनका नंबर आता है, तब भी उन्हें मात्र 10 से 20 हजार रुपये देकर वापस भेज दिया जाता है। इससे खेती-किसानी के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खाद, बीज और मजदूरी जैसे कामों के लिए समय पर पैसा नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों ने बताया कि वे सुबह से बैंक के बाहर धूप में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन बैंक अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते। कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी पूरी राशि नहीं मिलने से उन्हें बार-बार बैंक आना पड़ रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विड्रॉल फार्म भरने के दिन ही उन्हें पूरी राशि उपलब्ध कराई जाए।
वहीं, बैंक प्रबंधन अपनी मजबूरी बता रहा है। बैंक मैनेजर एम.आर. सेठिया के अनुसार शाखा को प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है, लेकिन फिलहाल केवल 50 लाख रुपये ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैश लिमिट बढ़ाने के लिए उच्च कार्यालय को कई बार पत्र लिखा गया है। प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही कैश लिमिट बढ़ेगी, स्थिति सामान्य हो जाएगी और किसानों को राहत मिलेगी।