कोंडागांव में अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी मामले में कोंडागांव की राजनीति गरमा गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि कोंडागांव सहित बस्तर संभाग में आम, इमली, जामुन जैसे फलदार और विलुप्त हो रहे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और परिवहन जारी है। पूर्व में शिकायत के बावजूद प्रशासन लकड़ी दलालों को खुली छूट दे रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 18 मई की रात भाजपा नेत्री ज्योति उर्फ जूही तिवारी की गाड़ी (CG-27 R-3479) को वन विभाग ने मसोरा में लकड़ी से लदे हुए पकड़ा था। इसके बाद 22 मई को जूही तिवारी ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके पास एसडीएम द्वारा जारी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।
नरेंद्र देवांगन ने सवाल उठाया कि जब भाजपा सरकार एक पेड़ माँ के नाम अभियान चला रही है, तो हजारों पेड़ों की अवैध कटाई किसके संरक्षण में हो रही है? बस्तर की जल-जंगल-जमीन पर आदिवासियों का हक है, फिर भाजपा नेत्री को यह अधिकार किसने दिया? साथ ही उन्होंने पूछा कि वन विभाग ने गाड़ी पकड़ने के बाद छोड़ी तो किस आधार पर और आगे
क्या कार्रवाई हुई?
कांग्रेस ने वन मंत्री केदार कश्यप पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण के यह कारोबार संभव नहीं है।कांग्रेस ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान महामंत्री रितेश पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष संजय करन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमा देवांगन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।