प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों और बिजली कटौती को लेकर आज कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है। शहर के कैलाश नगर स्थित विद्युत कार्यालय के सामने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि साय सरकार मनमाने ढंग से बिजली बेच रही है। इससे आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने इस दौरान अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि पहले उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से ढाई हजार रुपये आते थे। अब वही बिल बढ़कर आठ से नौ हजार रुपये तक आ रहे हैं। जनता पहले से ही महंगाई की मार से त्रस्त है। बिजली विभाग की मनमानी से लोगों पर और अधिक आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
बिजली दरों में वृद्धि और बिलों में अंतर
जितेंद्र मुदलियार ने बताया कि बिजली विभाग लगातार दरों में वृद्धि कर रहा है। यह वृद्धि आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने सरकार से बिजली के बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही, मैन्युअल और ऑनलाइन बिजली बिलों में काफी अंतर देखा जा रहा है। इस अंतर के कारण उपभोक्ता भ्रम की स्थिति में हैं कि कौन सा बिल सही है और कौन सा गलत है।
कांग्रेस ने दी चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देगी, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांग बिजली के दाम वापस लेना है। इसके अलावा, बिजली कटौती को रोकने और बिलों में पारदर्शिता लाने की भी मांग की गई है। कांग्रेस ने कहा कि जनता पर पड़ रहे इस आर्थिक बोझ को कम करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।