छत्तीसगढ़ विद्युत मजदूर यूनियन (पंजीयन 462) ने कोंडागांव के श्रमपदाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मजदूरों के पंजीयन में कमी और उनके शोषण की समस्याओं को उजागर किया। यूनियन ने बताया कि जिले में बिजली मजदूरों का पंजीयन कम संख्या में हुआ है और जो श्रमिक पंजीकृत हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ जानकारी के अभाव में नहीं मिल पाया है। ज्ञापन में ठेकेदारों द्वारा बाहरी श्रमिकों से कार्य करवाने और मजदूरों के शोषण का मुद्दा भी उठाया गया। ठेकेदार प्रवासी श्रमिकों की सूची श्रम विभाग या पुलिस को नहीं सौंपते, जिससे श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन होता है। यूनियन ने मांग की है कि सभी श्रमिकों का पंजीयन शिविर लगाकर किया जाए और सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार मोबाइल के माध्यम से किया जाए। यूनियन ने श्रम विभाग से ठेकेदारों को मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और उनका भुगतान बैंक खाते के माध्यम से सुनिश्चित करने की मांग की है।