बलरामपुर-रामानुजगंज में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर ग्राम विजयनगर में यादव समाज के द्वारा "गाय डाढ़" परंपरा का भव्य आयोजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। यह अनूठी परंपरा आजादी से पहले की मानी जाती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित रही है। इस आयोजन में गोवर्धन पूजा के पश्चात विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के बाद गायों के एक बड़े झुंड को एकत्र किया जाता है और उनके बीच में एक सूअर को छोड़ दिया जाता है। गायों के बछड़ों को लोग पकड़े रहते हैं, जिससे गायों को यह आभास होता है कि उनके बच्चों को कोई खतरा है। इसी भावना से गायों का झुंड स्वाभाविक रूप से सूअर पर हमला कर देता है। यह दृश्य अद्भुत एवं रोमांचकारी होता है, जिसे देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहते हैं। इस दिन की एक और विशेष परंपरा यह है कि गायों को नहीं दूहा जाता है, जिससे यह मान्यता जुड़ी हुई है कि गायों को इस दिन विश्राम दिया जाना चाहिए। गाय डाढ़ न केवल यादव समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि पशु-पोषण और ग्रामीण जीवन शैली की गहरी समझ को भी दर्शाता है। इस आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इसे पूरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न किया। आयोजन को सफल बनाने में यादव समाज के ब्लॉक अध्यक्ष बालमुकुंद सहित अन्य लोग सक्रिय रहे।