छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में मंगलवार को एनएसयूआई एवं कांग्रेस के पदाधिकारियों ने छात्र अधिकारी रैली निकालकर अपनी 7 सूत्रीय मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई और कांग्रेसियों को रोकने पुलिस ने वॉटर कैनन भी चलाया।
शहर के इतवारी बाजार से मंगलवार की दोपहर एनएसयूआई एवं कांग्रेस नेताओं ने भारी संख्या में एकजुट होकर छात्र अधिकारी रैली निकाली। कांग्रेस नेताओं की यह रैली शहीद चौक, चक्रपथ होते हुए रायगढ़ कलेक्टर कार्यालय घेराव करने पहुंची, जहां पुलिस ने रास्ते में कांग्रेस नेताओं को रोकने का प्रयास किया परंतु प्रदर्शनकारी पहले बेरीकेट को तोड़कर आगे बढ़ गए। इस दौरान दूसरे बेरिकेट्स तोड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
इस दौरान कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस ने न केवल वॉटर कैनन चलाया। बल्कि सैकंड़ों कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करके उर्दना पुलिस बटालियन भेज दिया गया है। कांग्रेस नेता राकेश पाण्डेय ने बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा भाजपा, आरएसएस का एजेंड बनकर काम कर रही है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता जो भी सकरात्मक आयोजन करते हैं।
प्रशासन वहां पहुंचकर कार्यक्रम बंद करा देती है। जबकि बकायदा परिमिशन लेकर और शुल्क पटाने के बाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और कार्यक्रम शुरू होते ही बंद करवा दिया जाता है। इसी बात को लेकर आज एनएसयूआई और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने आज छात्र अधिकारी रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा है कि 15 दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आने वाले दिनों में और भी बड़े रूप से आंदोलन करते हुए जिला बंद, उद्योगों का घेराव के अलवा अनशन भी किया जाएगा।
क्या हैंं 7 सूत्रीय ज्ञापन में
1. प्लेसमेंट सेल का गठन, सभी सरकारी कालेजों में अनिवार्य प्लेसमेंट सेल का गठन किया जाए।
2. स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण रायगढ़ के स्थानीय उद्योगों में युवाओं को 70 प्रतिशत आरक्षण
3. कैंपस इंटरव्यू की व्यवस्था कॉलेजों में नियमित कैंपस इंटरव्यू की व्यवस्था की जाये और उद्योगों के साथ त्रएमओयु कराए जायं।
4. कार्यक्रम बंद करने की जांच- एनएसयूआई के फेयरवेल एवं होली मिलन कार्यक्रमों को बंद करवाने की घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
5. सामान व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये, सभी छात्र संगठनों के साथ सामान व्यवहार सुनिश्चित किया जाये, किसी भी संगठन के साथ भेदभाव न हो।
6. लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा- छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाये, कालेजों में सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की अनुमती बिना भेदभाव के दी जाये
7. आईटीआई-पॉलिटेक्निक में सीटें बढ़ाई जाये, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कालेजो में सीटें बढाई जाये और नये ट्रेड शुरू किया जाए,