स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने महासमुंद के जिला पंचायत सभा कक्ष में आज शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। शिक्षा मंत्री ने कहा शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणामोन्मुखी कार्य ही मुख्य लक्ष्य है। इसके लिये मंत्री गजेन्द्र यादव ने कयी महत्वपूर्ण निर्देश भी दिये हैं। बैठक में रायपुर संभाग के सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आयुक्त समग्र शिक्षा डॉ. प्रियंका शुक्ला, तथा शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी एवं रायपुर, बलौदा बाजार, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जिलों के डीईओ, डीएमसी, बीईओ एवं बीआरसी अधिकारी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने यहां जिला पंचायत परिसर में शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल, मॉडल और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। इनमें बेहतर मॉडल की सराहना भी की। पत्रकारों से चर्चा करते हुये शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्चार के सवाल पर कहा कि, मामले में न्यायिक जांच चल रही है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दरासल महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के तत्कालीन बीईओ जे. आर. डहरिया और लिपिक पर 13 लाख रूपये के गबन और दूसरे मामले में बीईओ पर जी पी एफ फंड के 97 लाख रूपये के गबन के मामले जांच हुई थी। जांच के बाद मामला साबित हुआ, जिसमें लिपिक को मामले में सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन जे. आर. डहरिया पर कोई कार्रवाई नही की गयी, बल्कि इसे वर्तमान में जिला सारंगगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी बना दिया गया। यही वो मामला है जिसमें स्कूल शिक्षा मंत्री न्यायिक जांच का हवाला दे रहे हैं, और कार्रवाई की बात कह रहे हैं।