महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक में आज एक ही परिवार के चार लोगों का सामूहिक खुदकुशी का मामला सामने आया। मामले में मृतक बसंत पटेल जो की आदिवासी विकास विभाग में चपरासी के पद पर पदस्थ था। उन्होंने अपने चार वर्ष के बेटे, 12 वर्ष की बेटी और अपनी पत्नी के साथ इस विभत्स घटना को अंजाम दिया है। सामूहिक हत्याकांड के इस घटना ने पुलिस विभाग के भी रोंगटे खड़े कर दिए। हाउसिंग बोर्ड के बागबाहरा स्थित शासकीय जीएडी कॉलोनी में घटित इस घटना के बाद पूरा पुलिस महकमा मामले की जांच में जुट गया है। बारीकी से जांच-पड़ताल के दौरान एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है। जिसमें मृतक ने किसी व्यक्ति का उल्लेख करते हुए यह लिखा है कि, उसे बदनाम करने की कोशिश की गई, उन्होंने अपना काम पूरा ईमानदारी के साथ किया। लेकिन फिर भी उसे कुछ लोग परेशान कर रहे थे। उसे ताने मार रहे थे। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में अपने परिवार से भी क्षमा मांगा है और यह उल्लेख किया है कि, उन्होंने अपनी परेशानी ना ही अपने परिवार और ना ही अपनी पत्नी व बच्चों के साथ शेयर किया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में प्राथमिक पीएम रिपोर्ट के दौरान यह बात सामने आई है कि, मृतक बसंत पटेल ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है लेकिन, उनके पत्नी और बच्चों की मौत गला दबाने के कारण दम घुटने से हुआ है। इसकी बड़ी किस जांच के लिए फोरेंसिक टीम के द्वारा बॉडी के कई पार्ट्स भी जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद सभी के मौत का सही कारण का खुलासा हो पाएगा। बहरहाल मामले में महासमुंद की बागबाहरा पुलिस, साइबर सेल की टीम और महासमुंद एसपी द्वारा गठित विशेष जांच टीम इस पूरे मामले की पड़ताल में लगी हुई है।