कोरबा जिले के एसईसीएल कुसमुंडा स्थित कंपनी के कार्यालय में आज एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में भू-विस्थापित महिलाओं ने कार्यालय के भीतर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि कम्पनी के द्वारा उनकी ज़मीन अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्होंने खदान में कई बार प्रदर्शन और हड़ताल की थी, जिसके जवाब में कंपनी प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 20-25 लोगों को जेल भिजवा दिया था। अब इन भू-विस्थापितों ने खदान छोड़कर सीधे मुख्य कार्यालय का कामकाज ठप कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठी रहेंगी। महिलाएं 20 से 25 की संख्या में कार्यालय के बाहर पहुंचे जहां नारेबाजी करते हुए अंदर खुशी और कार्यालय की मुख्य द्वार पर सभी बैठ गए और अपनी मांगे पूरी करने संबंधित विभाग के खिलाफ पर नारे बजे की। प्रदर्शन कर रही एक महिला फुलेश्वरी बाई ने बताया कि संबंधित कंपनी ने उनकी जमीन को अधिग्रहण कर लिया है लेकिन अब तक नौकरी उनको नहीं दिया गया है कई बार दस्तावेज जमा किया जा चुका है यह सिलसिला पिछले कई सालों से चल रहा है कुछ माह पहले ही काफी संख्या में महिलाओं ने और लोगों ने खदान बंद कर प्रदर्शन किया था जहां इस मामले में लगभग 30 से 35 लोगों को जबरन जेल दाखिल किया गया था। इस बार फिर से जितने भी प्रभावित महिलाएं हैं वह कार्यालय आई हुई है और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक वह इस जगह से नहीं हटेगी।