जिले के तनेरा गांव में जंगली हाथी के हमले से एक युवक की मौत हो गई है। घटना रविवार रात की बताई जा रही है। हाथी देर रात अचानक गांव में घुस आया। युवक को पता ही नहीं चला अचानक से हाथी से सामना हुआ और हाथी में उसे पटककर मार डाला। जहां ग्रामीणों की नजर पड़ने पर हड़कप मच गया और देखते-देखते ग्रामीण के भेद एकत्रित हो गई। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। जहां वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने के लिए कहा। वहीं हाथी का रेस्क्यू कर उसे काफी मशक्कत के बाद जंगल की ओर खदेड़ा गया। बताया जा रहा है कि मृतक 35 वर्षीय धन सिंह गोड पिता मोहन सिंह खेती की किसानी का काम करता था। और घर का कमाऊ पुत्र था। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो वे गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। मृतक के परिवार को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई। ग्रामीणों की माने तो हाथी किसानों के फसलों को भी नुकसान कर रहे हैं। यही नहीं मकान को भी क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वह रतजग्गा करने को मजबूर है। पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि झुंड से अलग हुए हाथी अधिक हिंसक हो जाते हैं। हाथी झुंड से अलग है और काफी हिंसक और आक्रामक है लगातार मुनादी कराई जा रही है। वहीं ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है और किसी तरह की छेड़छाड़ हाथी के साथ न करें। इस बात को ग्रामीण को समझाया जा रहा है वहीं नुकसान हुई फसलों का सर्वे किया जा रहा है। कोरबा जिला लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहा है, जहां 54 हाथियों के झुंड से 85 से अधिक गांव दहशत में हैं।