सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। कोरबा में मीडिया से बातचीत करते बताया कि श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने पूरे मामले में तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुआवजे का किया एलान
मंत्री देवांगन ने कहा कि हादसे में घायल हुए मजदूरों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मृतकों के परिजनों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि राहत कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और सभी घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जांच के लिए विशेष टीम गठित
श्रम मंत्री ने बताया कि जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से पड़ताल करेगी। हादसे के समय प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होगी। ठेकेदार, सुपरवाइजर और प्रबंधन की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।
मंत्री देवांगन ने दो टूक कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
फिलहाल घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। श्रमिक संगठनों ने भी हादसे की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।