कोरबा शहर में बिजली व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। मानिकपुर और दादर इलाके में अलग-अलग स्थानों पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाओं ने बिजली विभाग की रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जर्जर खंभों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत नहीं की जा रही है।
शहर में बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आ रही है। रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुके बिजली के खंभे, लाइन बॉक्स और ट्रांसफार्मर लगातार हादसों की वजह बन रहे हैं। शनिवार को शहर के दो अलग-अलग इलाकों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
पहली घटना मानिकपुर की उरांव बस्ती में हुई, जहां बिजली के खंभे पर लगे लाइन बॉक्स में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। करीब 15 मिनट तक बॉक्स से चिंगारियां निकलती रहीं और तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देती रहीं। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बाद में बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्ती में कई बिजली के खंभे और लाइन बॉक्स काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
दूसरी घटना दादर के दामाद मोहल्ला में हुई, जहां देर रात ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे पूरा मोहल्ला अंधेरे में रहा।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर फोन नहीं उठाया। काफी देर बाद टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों ने बिजली विभाग से शहर के सभी जर्जर खंभों, ट्रांसफार्मरों और लाइन बॉक्स का तत्काल निरीक्षण कर उन्हें बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।