सोमवार को अपनी शिकायत लेकर पहुंचे आमजनों के भोजन के अधिकार की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित कई नेताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खाद्य अधिकारी के कार्यालय में धरना दिया। वे पिछले तीन महीनों का राशन न मिलने से नाराज थे। प्रदर्शनकारी भोजन के अधिकार की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण गरीब परिवारों को राशन नहीं मिल पाया है। इससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रतिनिधिमंडल अधिकारी से मिलने पहुंचा था। अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे नाराज होकर नेताओं और ग्रामीणों ने सीधे उनके चेम्बर में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने लंबित राशन वितरित करने का आश्वासन न मिलने तक धरना जारी रखने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता से हितग्राहियों को उनका हक नहीं मिल रहा है।
राशन वितरण में लापरवाही
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इस बार मजबूर होकर उन्हें कार्यालय में बैठना पड़ा। नेताओं ने कहा कि राशन गरीबों का मौलिक अधिकार है। इसे समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द वितरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मधुसूदन दास ने बताया कि यह समस्या केवल ग्रामीण क्षेत्र में नहीं है। शहरी क्षेत्र में भी पूरे जिले में ऐसी ही स्थिति है। राशन को लेकर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल अधिकारी के कार्यालय में धरना जारी है और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हैं।