सक्ती जिले में आईपीएल मैचों पर चल रहे अवैध सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें सट्टा संचालन के महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
यह कार्रवाई थाना सक्ती में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 07 के तहत की गई है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी भुवनेश्वरी पैकरा ने मार्गदर्शन दिया। सक्ती पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के आधार पर जांच की। मामले की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर हुई थी।
तब भूपेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया गया था, जो सट्टा ऐप्स के जरिए सट्टा चला रहा था। वह क्यूआर संकेत और पहचान व गुप्त शब्द व्हाट्सएप से लोगों को देता था। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान हुई। उन्हें अलग-अलग समय पर दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।
सट्टा लेनदेन का तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक खातों और डिजिटल भुगतान ऐप्स का उपयोग करते थे। वे फोनपे जैसे माध्यमों से सट्टा रकम का लेन-देन करते थे। जीत-हार की राशि भी इन्हीं माध्यमों से बांटी जाती थी। पिंटू जायसवाल और संजय केंवट ने अपने खातों का उपयोग सट्टा लेनदेन के लिए स्वीकार किया है।
गिरफ्तार आरोपी पर कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों में भूपेंद्र राठौर (28), चंद्रकांत (32), मुकेश अग्रवाल (46), पिंटू जायसवाल (24) और संजय केंवट (28) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह एक संगठित सट्टा गिरोह है। इसकी अन्य कड़ियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। सक्ती पुलिस सट्टा नेटवर्क के पूरे कड़ी-घेरा को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अवैध सट्टा गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।