मंगलवार को कलेक्ट्रेट गेट पर विधायक ब्यास कश्यप ने सत्याग्रह शुरू किया। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद वे गेट के सामने अनशन पर बैठ गए।
यह विरोध प्रदर्शन स्थानीय जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। विधायक कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रशासन इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई।
हालांकि, स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। विधायक ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। स्थानीय लोगों ने भी विधायक के इस कदम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई विकास कार्य रुके हुए हैं।
विधायक ब्यास कश्यप ने क्षेत्र में पेयजल संकट को एक प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कई गांवों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति बाधित है। इसके अलावा, सड़कों की खराब हालत और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी उनके विरोध का कारण है। विधायक ने किसानों को धान खरीदी में हो रही समस्याओं पर भी आवाज उठाई। उन्होंने प्रशासन से इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जिला प्रशासन ने विधायक से बातचीत करने का प्रयास किया है। एक अधिकारी ने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। विधायक कश्यप ने कहा कि वे प्रशासन के आश्वासन पर नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई पर ही अनशन समाप्त करेंगे।